By: Roshan Choudhary | December 01, 2015

बात 15 अगस्त 2005 का हैं, महराजा लक्ष्मेश्वर सिंह महाविद्यालय में तत्कालीन प्रिंसिपल भाषावाद और क्षेत्रवाद पर एक बड़ी भाषण दिए थे , चुकि मैं उस कॉलेज में वर्ष 2004-2006 में इंटरमीडिएट वाणिज्य का छात्र था ! और साथ में NCC कैडेट भी था.

उस दिन तो हम अपने प्रधानाचार्य से नहीं पूछ पाए जो, वास्तव में भाषावाद और क्षेत्रवाद क्या हैं ?

लेकिन अब थोड़ा थोड़ा समझने लगा हूँ !

उदहारण मिथिला का हैं !

मिथिला क्षेत्र की भाषा मैथिली हैं लेकिन बिहार सरकार जबरदस्ती कानून बना कर हिन्दी थोपा हुआ हैं ! जिस मैथिली भाषा को भारत सरकार मान्यता दिया उसी भाषा को बिहार सरकार के पास कोई वैल्यू नहीं हैं.

सभी भाषा का अनेको बोली होती हैं, मैथिली भाषा भी बहुत समृद्ध हैं और इसकी भी अनेको बोली हैं, लकिन सरकारी स्तर पर मैथिली भाषा को बार बार अपमानित किया जाता हैं.

न्यायलय के आदेश के बाब...

By: Roshan Choudhary | February 06, 2015

मान लेते हैं की 15 लाख रूपये वाली बात चुनावी जुमला ना होता, और   Narendra Modi जी सच में कालाधन वापस ले आते और 15 लाख रूपये सभी के बैंक अकाउंट में होते तो, देश में त्राहिमाम मच जाता,  
बचपन में   Maithili   भाषा में एक कहानी सुना था की  
माता पार्वती ने भगवान् शंकर से कही की दुनिया में सभी लोग आपको पूजते हैं फिर भी आप किसी को अमीर और किसी को गरीब बना देते हो ये तो अच्छी बात नहीं हैं, आप सब को एक जैसा बना दो, भगवान शंकर कहे की ये बात ठीक नहीं होगा, दुनिया चलाने के लिए असमानता जरुरी हैं, लेकिन माता पार्बती नहीं मानी, तो भगवान शंकर बोले ठीक हैं जब आपकी इच्छा हैं तो यही सही, उन्होंने सभी को एक जैसा धनवान बना दिया, कुछ ही दिनों के बाद बरसात का मौसम आया, तो भगवान शंकर की कुटिया जो फूस की बनी थी उससे वर्षा का पानी अंदर टपकने लगा, मात...

By: Roshan Choudhary | October 31, 2014

लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल आ फिर इंदिरा गांधी इन दोनों में से आप किसे चुनोगे ?

मैं सरदार बल्लभ भाई पटेल को ही चुनुँगा, इसके कई कारण हैं !
१. लौह पुरुष स्वतंत्रता सेनानी हैं , इंदिरा नहीं !
२. लौह पुरुष ने पुरे देश को एक किया , इंदिरा का योगदान हैं लेकिन लौह पुरुष इतना नहीं , लौह पुरुष ने सभी राजाओ राजवारो के एक साथ लाकर सशक्त भारत का सपना सकार करने की दिशा में कदम बढाया
३. सरदार बल्लभ भाई पटेल परिवारवाद की वजह से देश के उप प्रधान मंत्री या गृह मंत्री नहीं हुए, जबकि इंदिरा गांधी अपने पिता की वजह से प्रधानमन्त्री बनी 
४.  पुण्य तिथि से जन्म दिन मनाना अधिक अच्छा हैं !

कांग्रेस के प्रश्नों का उत्तर 

भाई कांग्रेस के लोगो आपने क्या नेहरू गांधी परिवार से ऊपर उठकर किसी भी स्वतंत्रता सेनानी का या कांग्रेसी नेता का सम्मान किया (गांधी जी...

By: Roshan Choudhary | October 28, 2014

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संघर्ष का जो नमूने देखने को मिले वो बेहद ही भयानक था !

गाँव दखल को लेकर हुई हिंसा जान और माल दोनों की क्षति हुई.

देसी बंदूक और बमों से हमला बहुत बड़ी चिन्ता का विषय हैं ! इसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम हैं